एडवेंचर टूरिज्म के लिए सूबे में गठित होगा अलग विभाग : सीएम

विश्व में एडवेंचर टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है और उत्तराखंड में इसकी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में एडवेंचर के लिए अलग विभाग गठित कर इस प्रदेश को साहसिक पर्यटन के हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को यहां पर्यटन विभाग और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) द्वारा पहली बार आयोजित माउंटेनियरिंग समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि इनर लाइन की बंदिशों से पर्यटन का प्रभावित होना चिंता का विषय है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बैठक कर रास्ता निकाला जाएगा। इस समिट में पर्वतारोहण, उच्च हिमालयी ट्रेकिंग एवं साहसिक पर्यटन की संभावनाओं और इसमें आ रही तकनीकी अड़चनों पर मंथन कर ठोस तथ्य सामने आएंगे, जिसके आधार पर नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने निम परिसर में लगे पर्वतारोहण संबंधी स्टालों का निरीक्षण किया।
दो दिवसीय समिट में पहले दिन गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने इनर लाइन की पाबंदियां हटाने, गंगोत्री नेशनल पार्क में रोजाना 150 पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति में पर्वतारोहियों को अलग करने, जनपद में इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन का काउंटर स्थापित करने तथा नए ट्रेक रूटों को खोलने पर जोर दिया। एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कैप्टन स्वदेश कुमार ने गंगोत्री नेशनल पार्क को पर्वतारोहण एवं ट्रेकिंग के लिए वर्ष भर खुला रखने, विदेशी पर्वतारोहियों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने, पर्वतीय जिलों में हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू सेंटर खोलने और पर्यटन कारोबारियों को मार्केटिंग ग्रांट देने की मांग की। सीएम ने इन मामलों में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि मार्केटिंग ग्रांट को इसी बजट सत्र में लाने का प्रयास किया जाएगा।